Saturday, 13 November 2021

 

कुछ ख्वाब बुने हैं तुमने ,
कुछ ख्वाब बुने हैं हमने ,
ये जो सच हो जाये ,
सारा जहां मिल जाये ,
फिर बरसेन्गी इतनी खुशियां
खिल जायेगी मेरी दुनियां !
इक बात तो बता दो ,
उस रब का ज़रा पता दो ,
जो थामे है डॊर तेरी ,
और थामे है डॊर मेरी ,
मिल के मैं उनसे आउं,
अपने घर का पता बताउं ,
फिर आयेन्गी वो बहारे
खुशियो की वो फ़ुहारे !
दिल थाम लेना तुम भी ,
दिल थाम लून्गी मैं भी ,
कहीं पागल मैं हो ना जाउ ,
कहीं खुद में ही खो ना जाउ ,
जब देखुन्गी वो नज़ारे ,
जाने कब से उसे पुकारे !
.............................
कुछ ख्वाब बुने हैं तुमने
कुछ ख्वाब बुने हैं हमने
ये जो सच हो जाये
सारा जहां मिल जाये
फिर बरसेन्गी इतनी खुशियां
खिल जायेगी मेरी दुनियां

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