Saturday, 13 November 2021

बावरा मन

 




मन बावरा....ये मेरा ,
जाने ....अब है किसे ढूँढता !
कुछ.... अब तो नही है सामने ,
सबसे ....रिश्ता तो कब का टूटा !
मन बावरा....ये मेरा ,
जाने ....अब है किसे ढूँढता !
बीते ...लम्हो में जा जा कर ,
जाने....किसको बुलाए पुकार कर !
जिन ...लम्हो से पीछा छुटा ,
उसे .... अब है क्यु ढूँढता !
मन बावरा....ये मेरा ,
जाने ....अब है किसे ढूँढता !
यादें... भुली मैं, धुन्धली हुइ ,
राते ...काली थी उजली हुइ !
पर ये ...सबसे है क्यु पुछता ,
वही ...पीछे छुटा जो रस्ता !
मन बावरा....ये मेरा ,
जाने ....अब है किसे ढूँढता !
मैं भी ...मन के बहाने ही सही ,
मन में ...जो भी था कहती रही !
हटाया... मन में जो भी धुन्ध् था ,
मन से ...मेरा भी कुछ था वास्ता !
मन बावरा....ये मेरा ,
जाने ....अब है किसे ढूँढता !

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