शब्दों के रूप में अक्सर ,
दिल के दर्द बयां होते हैं !
लेकिन उस दर्द को जो समझे ,
ऐसे लोग कहॉं होते हैं ?
पढ कर दो चार लाइनें ,
पूरी बात समझ जाते हैं !
ऐसे खुद को अक्ल्मन्द ,
समझने वाले तो जहां तहां होते हैं !
किसी की बातों को ,
हंसी में उड़ा दो !
फ़ितरत ही रहती कुछ लोगों की ,
हम तो परेशान ख्वाम्खां होते हैं !
जो कहा वो तो समझ में आये ,
जो ना कहा वो भी समझ गये !
ऐसे लोगों के तो,
औरो से अलग ही निशां होते हैं !
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