Saturday, 13 November 2021

हद

 


चाहत की ,जो हद है ,
उस हद तक,
मैं ,तुम्हें चाहुन्गी ...
तुम मान्गो ,जो जॉ तो,
ये जॉ भी, तेरे नाम,
मैं, कर जाउन्गी ...
मुमकिन है, तेरा मिलना,
ना मिलो तो, तुझे खुदा से भी,
मैं, मान्ग लाउन्गी ...
मैं जो रुठू, कभी तुमसे,
इक आवाज़, बस देना,
मैं, चली आउन्गी ...
चाहत की ,जो हद है ,
उस हद तक,
मैं ,तुम्हें चाहुन्गी ...

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