किसे मैं अपना कहुं,
कौन है मेरे करीब बता !
तुझे प्यार गर है मुझसे ,
तो ये प्यार थोड़ा और जता !
कहने को तो कइ बाते हैं ,
सुनाने को तो कइ किस्से हैं !
पास आकर जाहिर कर ज़रा
कि वो बस तेरे ही हिस्से हैं !
ज़ज़्बातो की कमी नही मुझमे ,
ना ही एह्सासो की कमी है !
कोइ अपना सा शख्स मिलता नही ,
बस आंखों मे इसकी ही नमी है !
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