Saturday, 13 November 2021

बातें

 





बातें... वो पुरानी सी ,
यादें ...वो सुहानी सी ,
आंखों में... भर आती हैं ,
धड़कन भी ...ठहर जाती है,
लगॆ ऐसे ...जैसे कोइ ,
उस पल को... क़ैद कर कॆ ,
ला दे मेरे ...सामने और ,
कह दे मुझसे ...थाम लो तुम ,
खो ना जाये ...फिर ये तुमसे ,
बन ना जाये... फ़िर से ये ,
वही बातें .. फिर पुरानी ,
और यादें ...वो सुहानी....
बातें... वो पुरानी सी ,
यादें ...वो सुहानी सी ,
बरखा... की बहारो सी ,
खुशियो ...की फ़ुहारो सी ,
भिगाये ...जो मेरे मन को ,
भुल जाउ ...हर इक गम को ,
बस उसमे ...ही डूब जाउ ,
चाह कर भी ...निकल ना पाउ ,
फिर मिले ...ना मिले मुझे ये ,
जो हो जाये ...मुझसे ओझल ,
बन जाएन्गी ,फिर बातें ये पुरानी
और यादें ...फिर सुहानी !

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