रिश्तो का क्या है,अब वो कभी भी टूट जाते हैं
अपने सभी बस,बीच रास्ते में ही छूट जाते हैं!
आ गया है जाने कौन सा समय कि
गैर तो गैर, अपने भी लूट जाते हैं!
भरोसो की तो बात ना पूछॊ यहॉ,
वो भी तो पल भर में ही टूट जाते हैं!
मना लो चाहे जीतना भी खुशियो के पल को
बिना कुछ कहे ही ,वो भी रूठ जाते हैं!
जाने नज़र लग गयी है किसकी
जिससे अच्छे खासे नसीब भी फूट जाते हैं!
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