चलो आज हम तुम मिलकर ,
एक समझौता करते हैं !
उतारकर चेहरे से-चलो फ़ेक आए ,
दुनियां वाले जिसे झूठ का मुखौटा कहते हैं !
तुम भी रहो अपनी असलियत के साथ ,
बिना किसी बनावट के !
हम भी रहे अपनेपन से ,
बिना किसी बाहरी सजावट के !
चलो आज हम तुम मिलकर ,
एक समझौता करते हैं !
उतारकर चेहरे से चलो-फ़ेक आए ,
दुनियां वाले जिसे झूठ का मुखौटा कहते हैं !
तुम्हें भी आजादी हो ,
अपने मन की सच्ची बात बताने की !
हमे भी कुछ आजादी हो ,
तुम्हें अपने जज़्बात सुनाने की !
चलो आज हम तुम मिलकर ,
एक समझौता करते हैं !
उतारकर चेहरे से-चलो फ़ेक आए ,
दुनियां वाले जिसे झूठ का मुखौटा कहते हैं !
ऐसी कोइ बात ना हो जो ,
हमे रिश्ते निभाने को मजबूर करे !
शिकायत जो हो कोइ तो ,
चलो मिलकर दोनो दूर करे !
चलो आज हम तुम मिलकर ,
एक समझौता करते हैं !
उतारकर चेहरे से-चलो फ़ेक आए ,
दुनियां वाले जिसे झूठ का मुखौटा कहते हैं !
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